दुनिया में 1% लोग ही सफल क्यों होते है (Why 1% people are successful in the world)

हम ज़िंदगी में जब भी कुछ बड़ा हासिल करने की या कुछ बड़ा बनने की सोचते है तो हमे तलाश होती है उस रास्ते की , जो हमें अपनी मंज़िल तक ले जा सके और इस तलाश में अक्सर हम एक ऐसा रास्ता चुन लेते है जिसपे सारी दुनिया चलती है ,एक ऐसा रास्ता है जिसपे भीड़ चलती है ,जिसपे ज्यादातर लोग चलते है। ..

हम देखते है की हमारे आस-पास बाकी लोग क्या सोचते है ,हम देखते है की हमारे आस-पास बाकी लोग क्या करते है और फिर हम भी वही सोचने और वही करने लगते है |

लेकिन क्या आप जानते है की दुनिया के सिर्फ 1% लोग ही सबसे ज्यादा कामयाब है ,सिर्फ 1% लोगो के पास ही सबसे ज्यादा पैसा और सबसे ज्यादा अमीर है। ….

तो कामयाब होने के लिए आपको वो नहीं करना है जो दुनिया के 99% लोग करते है बल्कि वो करना है जो सिर्फ 1% सबसे ज्यादा कामयाब लोग करते है। …….

जानना चाहेंगे क्या है वो ???

ये 1% लोग वो सोचते है जो पहले किसी ने नहीं सोचा ,ये 1% लोग वो करते है जो पहले किसी ने नहीं किया ,ये 1% लोग वो बनाते है जो पहले किसी ने नहीं बनाया |

जबकि बाकी 99% लोग वही सोचते है जो बाकी सब सोचते है ,ये वही करते है जो बाकी सब करते है और ऐसे लोगो को न तो दुनिया में कोई याद रखता है और ना ही कोई इनके बारे में बात करता है |

इन लोगो के बारे में ना तो कोई लिखता है और ना ही कोई पढ़ता है वो रास्ता जो जाना पहचाना है ,वो रास्ता जो आसान है ,वो रास्ता जिसपे सारी दुनिया चलती है ,अगर आप भी उस रास्ते पर चलेंगे तो कुछ देर के लिए ज़िंदगी आसान लग सकती है क्योकि इस रास्ते में ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता ,इस रास्ते पर बहुत खतरे नहीं उठाने पड़ते ,इस रास्ते पे आपके साथ बहुत सारे लोग होते है ,आराम होता है ,सहूलियत होती है लेकिन यह भी तय है की अगर आप इस रास्ते पे चले। ..तो आपको भी वही मिलेगा जो बाकी सबको मिला है
                                                कामयाबी मिलेगी पर …आधी अधूरी ….
                                                    सपने पूरे होंगे पर …आधे अधूरे ….
इस आधी अधूरी कामयाबी और सपनो के सहारे ज़िंदगी काटी तो जा सकती है पर ज़िंदगी को पूरी तरह से जिया नहीं जा सकता |

क्योकि इन रास्तो पे चल के हर सवाल का जवाब नहीं मिलता ,इन रास्तो पे चल के ये कभी पता नहीं चलता ,की ज़िंदगी में और क्या था जो हम कर सकते थे ,ज़िंदगी में और क्या था जो हम पा सकते थे |

आप जानना चाहते है की आपके लिए क्या सही रहेगा ,क्या बनना या क्या करना सही रहेगा और बजाये खुद से पूछने के….आप ये सवाल लोगो से पूछते है …दुनिया से पूछते है। ……

जहा हर इंसान के पास अपना एक अलग जवाब होता है क्योकि हर इंसान की सोच अलग है। ..हालात अलग है। …सपने अलग है। ये आपको ही तय करना होगा की आप। ….वही होना चाहते हो। …या। ..सही होना | की आप वो करेंगे जो सब करते है या वो जो आप करना चाहते है |

आप लोगो की सुनेगे या अपने दिल की …तय आपको करना है। …..क्योकि दोनों एक साथ होना मुमकिन नहीं है |

अगर आप वो पाना चाहते है जो आपका दिल कहता है तो भीड़ से हटकर कुछ अलग सोचिये ,कुछ अलग करिये | बाकी लोगो की तरह लाइन में खड़े होकर उन चीज़ो का इंतज़ार मत करिये जो आप पाना नहीं चाहते | क्योकि ये चीज़े मिल भी गयी। …तो भी भीड़ से अलग आपकी कोई पहचान नहीं होगी | ये चीज़े मिल भी गयी ….तो ज़िंदगी का कोई मतलब ,कोई मकसद नहीं होगा |

याद रखिये की वो जो ऊपर बैठा है। ..जिसने हम सबको यहाँ इस दुनिया में भेजा है उसने हमारे लिए कोई सीमा ,कोई सरहद तय नहीं की है। ….उसने हमारे और हमारे सपनो के बीच में कोई लकीर नहीं खींची है | हर इंसान उतना कामयाब हो सकता है जितना वो होना चाहता है |

तय आपको करना है की आप गली के मोड़ तक जाना चाहते है या चाँद तक |

तय आपको करना है की आप ज़िंदगी में कुछ बड़ा करना चाहते है या कुछ छोटा करके ही काम चलाना चाहते है | तो सोच समझ के तय करिये ,क्योकि आप जो भी तय करेंगे। ..ज़िंदगी में उससे ज्यादा नहीं मिलेगा | 

अलग सोचने और अलग करने के साथ एक परेशानी ये भी है की लोग आपका साथ नहीं देते | क्योकि आपकी सोच उनकी सोच से मेल नहीं खाती….. सारी दुनिया एक तरफ खड़ी होती है … और आप अकेले एक तरफ | लेकिन ये ध्यान रखियेगा की दुनिया में कामयाब वही लोग हुए है ,इतिहास उन्ही लोगो ने रचा है जिनकी सोच बाकी दुनिया से अलग थी | जिन्होंने ज़िंदगी में वो मौका ढूंढा। ….जिसके बगल से लाखो करोडो लोग आंख बंद करके निकल गए | जिन्होंने उस जवाब पे यकीन किया जो बाकी पूरी दुनिया के लिए गलत था |

लोगो और उनकी सोच के साथ चलने का मतलब है उस मौके को खो देना जो आपको कामयाबी की बुलंदियों तक पंहुचा सकता है | वो मौका जो आपकी और साथ में लाखो ,करोडो लोगो की ज़िंदगी बदल सकता है | आप क्या पाना चाहते है और आप क्या पा सकते है दोनों में बहुत फर्क है | भीड़ के साथ सहूलियत भरी ज़िंदगी जीने का मतलब है वो पाना जो आप चाहते है |

जबकि अपने साथ अपनी अलग सोच के साथ जीने का मतलब है वो पाना जो आप पा सकते है या उतना सफल होना ,जितना सफल आप हो सकते है | ज़िंदगी का मकसद किसी और की तरह बनना नहीं बल्कि अपनी एक अलग पहचान,अपना एक अलग मुकाम बनाना है | ताकि हम एक बेहतर दुनिया बना सके |

अपने लिए ,अपने सपनो के लिए ,हर उस चीज़ के लिए, जिसे करना मुमकिन है कुछ अलग सोचिये ,कुछ अलग करिये | जो मिल चुका है उसे छोड़ दीजिये ,उसकी तलाश करिये जो अब तक किसी ने नहीं ढूंढा ,मत सुनिए जो कहा जा चुका है ,लिखिए जो अब तक किसी ने नहीं कहा है ,मत चलिए जाने -पहचाने रास्तो पर ,बनाइये अपना खुद का एक नया रास्ता | हो सकता है लोग आज आपको गलत समझे,हो सकता है लोग आज आपको पागल कहे ,लेकिन दुनिया की हर कीमती चीज की तरह एक दिन लोग आपकी भी कीमत समझेंगे |

अगर आप अपने सपनो के लिए वो कीमत चुकाने को तैयार है जो बाकी लोग चुकाना नहीं चाहते,क्योकि आपने अपना जो रास्ता चुना है वही आपको बहार लेके जायेगा हर हद ,हर सरहद ,हर सीमा से परे ,हर उस बेहतरीन चीज की तरफ ,जो इस दुनिया में मिल सकती है क्योकि आपने वो नहीं देखा, जो था बल्कि आपने वो देखा जो हो सकता था और आपने वो बना के दिखाया ,आपने वो कर के दिखाया |

ये दुनिया उन्ही को सलाम करती है जो अपनी अलग सोच के साथ ,ये साबित करके दिखाते है की दुनिया गलत थी और वो सही थे |

 

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