हमेशा अपने दिल की सुनो

दोस्तों हम लोग हमेशा दूसरो की सुनते -सुनते अपनी पूरी ज़िंदगी बीता देते है लेकिन हमकभी अपने दिल की नहीं सुनते , और जब हम अपने दिल की सुनते , तब बहुत देर होचुकी होती है ।  ऐसी ही एक कहानी आज हम आपके लिए लेकर आये है जिसे पढ़करआप हमेशा अपने दिल की सुनेगे |

यह कहानी है एक गाँव की , जिसमे दो बच्चे  रहते थे । जिनमे से – एक की उम्र 6 साल थी और दुसरे की 10 साल । वे दोनों साथ – साथ खाते-पीते , साथ – साथ रहतेऔर वे जहाँ भी जाते साथ – साथ घूमने जाते |

एक बार की बात है ,वे दोनों खेलते – खेलते गाँव से बहार निकल गए , और एक कुएँ केपास जाकर खेलने लगे । इनमे से जिसकी उम्र 10 थी ,वो कुएँ के पास जाकर खड़ा होगया और कुएँ  में झाँककर देखने लगा , जब वह कुएँ में झाँककर देख रहा था तभी  उस10 साल की उम्र के बच्चे का पैर कुएँ में फिसल  गया  और वह कुएँ  में  गिर गया ।

कुएँ में गिरने के बाद जब वह बच्चा चिल्ला रहा था ,तब उस समय  6 साल  के बच्चे ने10 साल वाले बच्चे को कहा कि जो रस्सी कुए में लटक रही है उसको मजबूती से पकड़लो और मै तुम्हे खीचता हुँ |  और उस 6 साल के बच्चे से एक पानी से भरी हुई बाल्टीभी सही से नहीं उठ सकती थी , वो 6 साल का बच्चा बिना डरे,बिना किसी की परवाहकिये ,रस्सी को खींचता जा रहा है – खींचता जा रहा है और एक समय ऐसा आता है जबवह 10 साल का बच्चा बहार निकल जाता  है और उसके बाद दोनों एक दुसरे से गलेमिलते है और खुश होते  है |

शिक्षा :- दोस्तों इस  कहानी से हमें यह सीख मिलती है
जब भी हम अपने दिल का कोई भी  काम करते है तब हमारे पास तरह -तरह के लोगआ जाते है और कहते है कि –

  1. तू यह नहीं कर सकता ,
    2. यह तेरे बसकी नहीं है ,
    3. यह बहुत बाहरी काम है ,
    4. यह असंभव है ,
    5. हमारे परिवार में आजतक किसी ने ऐसा काम नहीं किया ,
    6. हमारे पास पैसे नहीं है ।

और एक 6 साल का बच्चा जिससे एक भरी  हुई बाल्टी भी सही से नहीं उठ सकती थीऔर उसने एक 10 साल के बच्चे को ,बिना किसी डर के बहार खीच लिया जिसका वजन 25-30 Kg था ।
क्या आप जानते है ऐसा वह कैसे कर पाया क्योकि उसे दूर -दूर  तक यह बताने वालाकोई नहीं था कि तू यह नहीं कर सकता |और आपको भी उस 6 साल के बच्चे की तरहही, बिना किसी की परवाह किये ,केवल अपने दिल की आवाज सुन्नी होगी और अपने सपनो को पूरा करना होगा ।

और अंत में , जब भी आपसे कोई कुछ कहे की,  तू यह नहीं कर सकता  तब आपको उनसे केवल एक प्रशन  पूछना होगा : क्यों ,मैं क्यों नहीं कर सकता । जब दुसरे कर सकते है तो मैं क्यों नहीं कर सकता ।

दोस्तों मैं 100%  सच बोल रहा हु की 90%लोगो के पास, इस क्यों का जवाब नहीं मिलेगा ।

                                                                     ………………….BEST OF LUCK…………

 

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